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Wednesday, April 6, 2016

रिश्ता 

रिश्ता
गैरों से बनाने में
जीवन लगाते हैं
रिश्तेदार  कल काम आएंगे

वक्त की धूप ने
जीवन की चमक को
धुँधली, क्या किया?
रिश्तेदारो  ने धूप में निकलना छोड़ दिया

अपनों की उपेक्षा का पाप
सर पर और जड़ा
गैर क्या,
अपनों से रिष्ते ना बना सका

गर रिष्ता बनाना है तुझे
पहले खुद से खुद का रिष्ता बना
अपनी हमसफर से रिष्ता बना
जीवन की खुशीया देने वाली गुडि़या से रिष्ता बना

गर चाहता है और रिष्ता बनाना
‘भारत माँ’ से रिष्ता बना
धूप आने पर, धूप में आयेगी
छाँव भी खुद साथ लाएगी।


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