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Thursday, December 9, 2010

इंसान और यमराज

हर -तरफ अन्धेरा है

मौत का साया

हर जिन्दा दिलों को डस रही है

'मौत ' कोई नयी बात तो नहीं ,

पहले भी तो लोग मरते थे

मगर आज 'मौत ' से इतना डर क्यूँ ?

पहले मौत का रखवाला

एक यमराज होता था -

मगर आज

एक इंसान, दूसरे इंसान के खून का

प्यासा हो गया है ,

तभी तो लगता है

आज कई इंसान यमराज हो गया है ।

2 comments:

'उदय' said...

... vartamaan haalaat bayaan kartee rachanaa ... behatreen !!!

ali said...

अब यमराज किसी दूसरे लोक से नहीं आया करते बल्कि वे इसी लोक में निवास करते हैं इंसानों के दिलों में ,बस इसीलिये यहीं के यही का निपटारा ज्यादा भयभीत करता है !