its about nature basically,but have other related poetries ...i m sure when u'll read it u'll find ur innerself more open and closer to urself.....u'll then start appreciating the small things around u!!!have faith!!!
a little description of prakriti by me goes as
विधाता का
सुन्दर सृजन है -
प्रकृति।
प्रकृति की उपहार है -
माँ॥
माँ ही प्रकृति है ,
प्रकृति ही माँ ॥
-नीलम चंद सांखला
Sunday, May 8, 2011
माँ - दिवस ---साथ
मै माँकेसाथरहा सत्ताईसबरस
माँमेरेजहनमें
अब भी मेरे साथ है , क्या ये कम है - माँ का साथ मेरे लिए ।
7 comments:
क्या बात है, बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति !
क्या बात है, बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति !
बहुत सुन्दर! माँ-बाप का आशिर्वाद सदा साथ ही रहता है...
बहुत अच्छा . धन्यवाद-----अशोक बजाज "ग्राम चौपाल"
वे सदैव साथ रहेंगी ! सुन्दर अभिव्यक्ति !
सुन्दर पोस्ट, छत्तीसगढ मीडिया क्लब में आपका स्वागत है.
...सुन्दर अभिव्यक्ति !
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