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Thursday, August 12, 2010

काल के साथ बात का अर्थ बदलता है

कल का वर्तमान
आज जो अतीत है ,
कल कुछ और कहता था --
आज कुछ और बता रहा है
आज का वर्तमान
जो कल अतीत होगा ,
कल के वर्तमान को
कुछ और बताएगा

2 comments:

Rahul Singh said...

काल बोध, इतिहास बोध को प्रबल करता है, या झुठलाता है. कहीं यही तो भविष्‍य पुराण नहीं, भविष्‍य भी पुराना भी.

ali said...

कई बार सोचता हूँ समय क्या है ? कैसे परिभाषित करूं उसे , जबकि वो स्वयं शेष सभी कुछ को परिभाषित करता है !